भूमिका
डॉ. कैलाश वाजपेयी (1936–2015) आधुनिक हिंदी कविता के दार्शनिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना से सम्पन्न प्रमुख कवि थे। वे ऐसे साहित्यकार माने जाते हैं जिन्होंने कविता, दर्शन, धर्म और भारतीय परंपरा को समकालीन संदर्भों के साथ जोड़ा। उनकी कविता में अद्वैतवाद, बौद्ध दर्शन, सूफी परंपरा और भारतीय मिथक का गहन प्रभाव दिखाई देता है।
काव्य-संग्रह ‘हवा में हस्ताक्षर’ के लिए उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार (2009) से सम्मानित किया गया।
जन्म एवं पारिवारिक पृष्ठभूमि
डॉ. कैलाश वाजपेयी का जन्म 11 नवंबर 1936 को हमीरपुर (उत्तर प्रदेश) में हुआ।
वे एक संस्कारवान और बौद्धिक परिवेश में पले-बढ़े, जिसने उनके व्यक्तित्व को गंभीर, विचारशील और दार्शनिक बनाया।
शिक्षा
डॉ. कैलाश वाजपेयी ने उच्च शिक्षा में असाधारण उपलब्धियाँ प्राप्त कीं—
- लखनऊ विश्वविद्यालय से वाचस्पति (Ph.D.) की उपाधि
- शोध विषय: आधुनिक हिंदी कविता में शिल्प
उनकी शिक्षा ने उन्हें केवल कवि नहीं, बल्कि दार्शनिक-चिंतक साहित्यकार बनाया।
कार्यक्षेत्र और पेशेवर जीवन
डॉ. कैलाश वाजपेयी का कार्यक्षेत्र बहुआयामी रहा—
अध्यापन
- दिल्ली विश्वविद्यालय के शिवाजी कॉलेज में अध्यापक
- 2004 में सेवानिवृत्त
पत्रकारिता
- टाइम्स ऑफ इंडिया समूह (1960)
- दैनिक अमर उजाला में नियमित स्तंभ लेखन
दूरदर्शन एवं फ़िल्म निर्माण
- दिल्ली दूरदर्शन के लिए कबीर, सूरदास, बुद्ध, जे. कृष्णमूर्ति, रामकृष्ण परमहंस जैसे महान व्यक्तित्वों के जीवन-दर्शन पर वृत्तचित्र
- दूरदर्शन की हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य
साहित्यिक पहचान और वैचारिक दृष्टि
डॉ. कैलाश वाजपेयी को उनकी पीढ़ी का दार्शनिक मिज़ाज का कवि माना जाता है।
उनकी कविता की विशेषताएँ—
- भारतीय अद्वैत दर्शन का प्रभाव
- बौद्ध दर्शन की करुणा और शून्यता
- सूफी परंपरा की आत्मिक साधना
- आधुनिक मनुष्य की चिंता और सांस्कृतिक संकट
उनकी कविता नारे नहीं, बल्कि चिंतन और आत्मसंवाद प्रस्तुत करती है।
भाषा और शैली
- भाषा: संस्कृतनिष्ठ, प्रवाहमयी खड़ीबोली
- शैली:
- दार्शनिक
- प्रतीकात्मक
- मिथकीय
- आत्मानुभूतिपरक
उनकी कविता में नए बिंब, नवीन शिल्प और गंभीर वैचारिकता का संतुलन मिलता है।
प्रमुख काव्य-कृतियाँ
कविता संग्रह
- संक्रान्त (1964)
- देहांत से हटकर (1968)
- तीसरा अँधेरा (1972)
- महास्वप्न का मध्यान्तर (1980)
- सूफ़ीनामा (1992, द्वितीय संस्करण 1998)
- भविष्य घट रहा है (1999)
- हवा में हस्ताक्षर (2005) ⭐
- शब्द संसार (2006)
- अनहट (2007)
अन्य साहित्यिक कृतियाँ
प्रबंध काव्य
- पृथ्वी का कृष्णपक्ष (1995)
नाटक
- युवा संन्यासी (स्वामी विवेकानंद पर आधारित)
- सार : आख्यायिकाएँ (1994)
निबंध एवं दर्शन
- समाज दर्शन और आदमी (1995)
- आधुनिकता उत्तरोत्तर (1996)
- The Science of Mantras (1981)
- Astra-Combinations (1987)
संपादन एवं अनुवाद
- Indian Poetry Today (1976)
- Visions and Myths (1979)
- मोती सूखे समुद्र का (संपादित कविता-संकलन)
विदेश यात्राएँ
- 1967 – चेकोस्लोवाकिया
- 1970 – रूस, फ्रांस, जर्मनी, स्वीडन सहित कई यूरोपीय देश
👉 इन यात्राओं का प्रभाव उनकी कविता के वैश्विक दृष्टिकोण में दिखाई देता है।
पुरस्कार और सम्मान
डॉ. कैलाश वाजपेयी को अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से अलंकृत किया गया—
- हिंदी अकादमी सम्मान (1995)
- एस.एस. मिलेनियम अवॉर्ड (2000)
- व्यास सम्मान (2002)
- ह्यूमन केयर ट्रस्ट अवॉर्ड (2005)
- साहित्य अकादमी पुरस्कार (2009) – हवा में हस्ताक्षर
निधन
1 अप्रैल 2015 को दिल्ली में हृदयाघात से डॉ. कैलाश वाजपेयी का निधन हो गया।
उनकी आयु 79 वर्ष थी।
परिवार में—
- पत्नी: डॉ. रूपा वाजपेयी
- पुत्री: अनन्या वाजपेयी
