प्रस्तावना
कविता तिवारी समकालीन हिंदी साहित्य की प्रसिद्ध कवयित्री, मंच संचालिका और ओजस्वी वक्ता हैं। वे अपनी राष्ट्रभक्ति, सामाजिक चेतना और प्रेरणादायक कविताओं के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध हैं। उनकी रचनाओं में देशप्रेम, भारतीय संस्कृति, नारी-शक्ति, युवा चेतना और मानवीय मूल्यों का प्रभावशाली चित्रण मिलता है। वे आधुनिक हिंदी मंचीय कविता की प्रमुख हस्ताक्षरों में गिनी जाती हैं।
जन्म एवं प्रारंभिक जीवन
कविता तिवारी का जन्म 2 मार्च 1986 ई० को उत्तर प्रदेश के अयोध्या (तत्कालीन फैज़ाबाद) जिले में हुआ। उनका जन्म एक धार्मिक, शिक्षित और संस्कारी परिवार में हुआ था। बचपन से ही उन्हें साहित्य, कविता और भारतीय संस्कृति में विशेष रुचि थी। उनका प्रारम्भिक जीवन धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण में बीता। बचपन से ही वे प्रतिभाशाली, आत्मविश्वासी और वाक्पटु थीं। विद्यालयी जीवन में वे कविता-पाठ, भाषण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेती थीं। यही रुचि आगे चलकर उन्हें देश की प्रसिद्ध मंचीय कवयित्री बना गई।
शिक्षा
कविता तिवारी ने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा अयोध्या में प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने हिंदी साहित्य में स्नातकोत्तर (एम.ए.) की उपाधि प्राप्त की। विद्यार्थी जीवन से ही उनकी रुचि साहित्य, वक्तृत्व कला और कविता लेखन में रही।
कार्य जीवन
कविता तिवारी ने अपने साहित्यिक जीवन की शुरुआत मंचीय कविता-पाठ से की। शीघ्र ही वे देश के प्रमुख कवि सम्मेलनों में आमंत्रित की जाने लगीं। उन्होंने भारत के अनेक राज्यों के साथ-साथ विदेशों में भी हिंदी कविता का प्रभावशाली पाठ किया है।
वे राष्ट्रभक्ति, सामाजिक जागरूकता और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाती हैं। आज वे हिंदी की अग्रणी मंचीय कवयित्रियों में गिनी जाती हैं।
साहित्यिक जीवन एवं योगदान
कविता तिवारी ने अपनी कविताओं के माध्यम से राष्ट्रप्रेम, नारी-सशक्तिकरण, भारतीय संस्कृति, सामाजिक समरसता और युवा चेतना को स्वर दिया है। उनकी रचनाओं में ओज, भावुकता और प्रेरणा का सुंदर समन्वय मिलता है।
उनकी कविताएँ देशभक्ति की भावना जगाने के साथ-साथ समाज को सकारात्मक संदेश भी देती हैं। उन्होंने आधुनिक हिंदी मंचीय कविता को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
भाषा-शैली
कविता तिवारी की भाषा सरल, प्रवाहपूर्ण, ओजपूर्ण और प्रभावशाली है। वे शुद्ध खड़ी बोली हिंदी का प्रयोग करती हैं। उनकी शैली मुख्यतः ओजपूर्ण, भावात्मक, प्रेरणात्मक और राष्ट्रवादी है। उनकी कविताओं में अलंकारों, अनुप्रास और प्रभावी बिंबों का सुंदर प्रयोग मिलता है।
व्यक्तित्व और जीवन-दर्शन
कविता तिवारी का व्यक्तित्व आत्मविश्वासी, राष्ट्रप्रेमी, संवेदनशील और प्रेरणादायक है। वे भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और नारी सम्मान की समर्थक हैं। उनका जीवन-दर्शन देशभक्ति, मानवता, सकारात्मक सोच और समाज सेवा पर आधारित है। वे मानती हैं कि साहित्य समाज में जागरूकता और सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रभावी माध्यम है।
हिंदी साहित्य में स्थान
समकालीन हिंदी साहित्य में कविता तिवारी का स्थान एक प्रमुख मंचीय कवयित्री और ओजस्वी काव्य-पाठिका के रूप में है। उन्होंने अपनी राष्ट्रवादी और प्रेरणादायक कविताओं से हिंदी मंचीय काव्य परंपरा को नई ऊर्जा प्रदान की है। आज उनका नाम देश की लोकप्रिय मंचीय कवयित्रियों में सम्मानपूर्वक लिया जाता है।
सम्मान एवं पुरस्कार
कविता तिवारी को हिंदी साहित्य और मंचीय काव्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए विभिन्न साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक संस्थाओं द्वारा अनेक सम्मान और पुरस्कार प्रदान किए गए हैं। देश-विदेश के अनेक प्रतिष्ठित कवि सम्मेलनों में उनके उत्कृष्ट काव्य-पाठ के लिए भी उन्हें सम्मानित किया गया है।
