सुरेंद्र शर्मा का जीवन परिचय (Surendra Sharma Biography in Hindi)

प्रस्तावना

सुरेंद्र शर्मा हिंदी साहित्य के उन बहुमुखी हास्य कवियों में से हैं जिन्होंने हास्य रस को लोकप्रिय बनाने और मंचीय कविताओं में नई परंपरा स्थापित करने का काम किया। वे अपने अनूठे ‘चार-लैना’ हास्य कविताओं, व्यंग्य और व्यक्तिगत हास्य शैली के लिए जाने जाते हैं। उनकी कविताओं में भारतीय संस्कृति, रीति-रिवाज और पारिवारिक जीवन का अद्भुत चित्रण मिलता है। उन्हें हास्य रस के क्षेत्र में योगदान के लिए 2013 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया।

जन्म और पारिवारिक पृष्ठभूमि

सुरेंद्र शर्मा का जन्म 1945 में हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के नांगल चौधरी गाँव में हुआ। उनका बचपन ग्रामीण परिवेश में बीता, जहाँ उन्होंने भारतीय गाँवों की सामाजिक संरचना और पारंपरिक जीवन को निकट से देखा। यही अनुभव उनकी हास्य और व्यंग्यात्मक कविताओं में जीवन्तता के रूप में दिखाई देता है।

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शिक्षा और बौद्धिक विकास

सुरेंद्र शर्मा ने प्रारंभिक शिक्षा अपने गाँव से पूरी की और उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली चले गए। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) से वाणिज्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। शिक्षा के दौरान ही उन्होंने कविताओं और हास्य लेखन में अपनी रुचि विकसित की।

साहित्यिक और रचनात्मक यात्रा

सुरेंद्र शर्मा ने हिंदी साहित्य में हास्य और व्यंग्य की वाचिक परंपरा को मजबूती से स्थापित किया। उनकी कविताओं की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

  • चार-लैना शैली: उनकी हास्य कविताएँ चार पंक्तियों में अपनी बात बयाँ करती हैं, जिससे पाठक तुरंत हँसी और विचार दोनों अनुभव करते हैं।
  • सामाजिक और पारिवारिक हास्य: कविताओं में अक्सर अपनी पत्नी और परिवार का हास्यपूर्ण चित्रण मिलता है।
  • भाषा का प्रयोग: हिंदी के साथ-साथ हरियाणवी और मारवाड़ी भाषा का भी प्रयोग किया गया है।
  • मंचीय प्रस्तुति: कवि सम्मेलनों में उनकी प्रस्तुति अत्यंत लोकप्रिय रही, जहाँ वे लोगों को हँसाने के साथ-साथ सोचने पर मजबूर करते हैं।

सुरेंद्र शर्मा की कविताओं में सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक जीवन की झलक मिलती है। वे हास्य के माध्यम से गंभीर विषयों को भी सरलता से प्रस्तुत करते हैं।

पेशा और अन्य भूमिकाएँ

  • हास्य कवि और व्यंग्यकार
  • हरियाणा साहित्य अकादमी के उपाध्यक्ष
  • केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के सदस्य
  • अभिनेता: कई बॉलीवुड फिल्मों और दूरदर्शन कार्यक्रमों में अभिनय किया।

वे केवल कवि ही नहीं, बल्कि साहित्य, मंच और मीडिया के विभिन्न क्षेत्र में सक्रिय व्यक्तित्व के धनी रहे।

प्रमुख कृतियाँ

सुरेंद्र शर्मा की रचनाएँ मुख्यतः हास्य और व्यंग्य पर केंद्रित हैं। उनकी कुछ प्रमुख कृतियाँ:

  • हास्य कविताएँ और व्यंग्य:
    • चार-लैना हास्य संग्रह (कई संग्रह प्रकाशित)
    • पत्नी और पारिवारिक जीवन पर हास्य कविताएँ
  • मंचीय कविताएँ और व्यंग्यात्मक प्रस्तुतियाँ:
    • कवि सम्मेलनों में लोकप्रिय कविताएँ
  • भाषाई प्रयोग: हिंदी के साथ हरियाणवी और मारवाड़ी

(नोट: उनके कई संग्रह और कविताएँ समय-समय पर मंचीय और पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं।)

पुरस्कार और सम्मान

  • पद्म श्री (2013): भारत सरकार द्वारा साहित्य और हास्य कविताओं में योगदान के लिए
  • काका हाथरसी हास्य पुरस्कार: दिल्ली हिंदी अकादमी
  • अन्य सम्मान: राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कवि सम्मेलनों में कई पुरस्कार

साहित्यिक विशेषताएँ

  • वाक्पटुता और हास्य: सरल शब्दों में गहरी बातें
  • सामाजिक और पारिवारिक संदेश: हास्य के माध्यम से संस्कार और परंपराओं का प्रसार
  • मंचीय लोकप्रियता: कवि सम्मेलनों और टीवी कार्यक्रमों में अपनी अनूठी शैली के लिए प्रसिद्ध
  • बहुभाषीय प्रयोग: हिंदी, हरियाणवी और मारवाड़ी भाषाओं का समावेश
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