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श्रीधर पाठक का जीवन परिचय (Shridhar Pathak Biography in Hindi)

श्रीधर पाठक (11 जनवरी 1858 / 1860 – 13 सितंबर 1928) हिंदी साहित्य के उन महान कवियों में से एक थे, जिन्होंने स्वदेश प्रेम, प्राकृतिक सौंदर्य, मानवीय संवेदना, समाज सुधार और व्यक्तिगत अनुभूति को अपनी रचनाओं का आधार बनाया।उनकी काव्य-शैली में प्रकृति की निर्मलता, देशभक्ति की ऊष्मा, और व्यक्तिगत अभिव्यक्ति का आधुनिक स्वर एक साथ […]

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लक्ष्मी नारायण मिश्र का जीवन परिचय | Laxmi Narayan Mishra Biography

लक्ष्मी नारायण मिश्र (17 दिसम्बर 1903 – 19 अगस्त 1987) आधुनिक हिंदी साहित्य के प्रमुख नाटककार, एकांकीकार, कवि और साहित्यकार थे। 1930 से 1950 के बीच वे हिंदी रंगमंच के सर्वाधिक लोकप्रिय और चर्चित नाटककार बने। उनके नाटक विद्यालयों, महाविद्यालयों और रंगमंच संस्थाओं द्वारा निरंतर मंचित होते रहे। मिश्र जी के नाटकों और एकांकियों में

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महाकवि ईसरदास का जीवन परिचय | Isardas Ka Jivan Parichay in Hindi

परिचय महाकवि ईसरदास – जिन्हें कभी-कभी “महात्मा ईसरदास” भी कहा जाता है – एक 16वीं-17वीं शताब्दी के भक्ति-कालीन राजस्थानी (डिंगल) भाषा के महान कवि हैं।वे मुख्यतः भगवद्-भक्ति, कृष्ण-भक्ति, और संत-परंपरा के अंतर्गत लिखे गए कवित्व के लिए प्रसिद्ध हैं। जीवन-काल एवं पृष्ठभूमि लेखन-शैली एवं कृतियाँ प्रमुख घटक (टैबल स्वरूप में) क्र. विषय विवरण 1 जन्म

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नरपति नाल्ह का जीवन परिचय | Narpati Nalh Ka Jeevan Parichay in Hindi

परिचय नरपति नाल्ह राजस्थान के मध्यकालीन डिंगल भाषा के एक प्रमुख कवि थे। वे अपनी सुप्रसिद्ध रचना ‘बीसलदेव रासो’ के कारण प्रसिद्ध हुए। यह काव्य पुरानी पश्चिमी राजस्थानी भाषा में लिखा गया है और श्रृंगार रस की एक गेय रचना मानी जाती है। ‘बीसलदेव रासो’ में नरपति नाल्ह ने राजा बीसलदेव और राजमती की कथा

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जगनिक का जीवन परिचय | Jagnik Ka Jeevan Parichay

परिचय जगनिक मध्यकालीन हिंदी काव्य परंपरा के प्रसिद्ध कवि और वीर रस के अद्वितीय रचनाकार थे। वे कलिंजर (उत्तर प्रदेश) के चंदेल राजा परमर्दिदेव (परमाल) के राजकवि एवं भाट थे। जगनिक ने अपनी प्रसिद्ध कृति “आल्हा खण्ड” में परमाल के वीर सामंतों — आल्हा और ऊदल — को नायक के रूप में प्रस्तुत किया। यही

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महाकवि चंदबरदाई का जीवन परिचय Chand Bardai Jivan Parichay in Hindi

“चार बांस चौबीस गज, अंगुल अष्ट प्रमाण।ता ऊपर सुल्तान है, चूको मत चौहान।।” यह प्रसिद्ध दोहा आदिकालीन कवि महाकवि चंदबरदाई ने रणभूमि में उच्चारित किया था। इस दोहे के माध्यम से उन्होंने अपने प्रिय मित्र सम्राट पृथ्वीराज चौहान को संकेत दिया था, जिससे उन्होंने शहाबुद्दीन गोरी को शब्दवेधी बाण से भेद दिया था। यह प्रसंग

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रहीम का जीवन परिचय – Rahim Ka Jivan Parichay

परिचय:रहीम, जिनका असली नाम रहीमुद्दीन था, 17वीं शताब्दी के प्रमुख हिंदी और उर्दू कवि, संत और विचारक थे। उनका जन्म 17 फरवरी 1556 को आमेर (जयपुर) में हुआ। वे अकबर के दरबार में एक महत्वपूर्ण दरबारी थे और “रहीम खान-ए-खाना” के नाम से जाने जाते थे। कौशल और शिक्षा:रहीम ने अपने प्रारंभिक अध्ययन के बाद

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जयशंकर प्रसाद का जीवन परिचय : Jaishankar Prasad Ka Jivan Parichay

जयशंकर प्रसाद का जीवन परिचय जयशंकर प्रसाद, हिन्दी साहित्य के प्रमुख कवि और लेखक, भारतीय साहित्य में एक महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। उनका जन्म 30 जनवरी 1889 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के एक वैश्य परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम रघुनाथ प्रसाद था और माता का नाम मणिरत्ना देवी था। जयशंकर

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संत कबीरदास का जीवन परिचय : Sant Kabirdas Ka Jivan Parichay

संत कबीरदास भारतीय संत, कवि और स7माज सुधारक थे, जिन्होंने 15वीं शताब्दी में भारत के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जगत में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका जन्म एक ऐसे समय में हुआ जब समाज में धार्मिक भेदभाव, अंधविश्वास और रूढ़िवादी परंपराओं का बोलबाला था। कबीरदास ने अपनी रचनाओं और विचारों के माध्यम से समाज में व्याप्त

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रामनरेश त्रिपाठी का जीवन परिचय : Ramnaresh Tripathi Ka Jivan Parichay

जीवन परिचय – राष्ट्रीय भावना से ओत-प्रोत काव्य का सृजन करने वाले कवि रामनरेश त्रिपाठी का जन्म 1889 ई. में जिला जौनपुर के अन्तर्गत कोइरीपुर ग्राम के एक साधारण कृषक परिवार में हुआ था। इनके पिता पं. रामदत्त त्रिपाठी, ईश्वर में आस्था रखने वाले ब्राह्मण थे। केवल नवीं कक्षा तक पढ़ने के पश्चात् इनकी पढ़ाई

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