Authors

दलपति विजय का जीवन परिचय (Dalpati Vijay Biography in Hindi)

परिचय दलपति विजय भारतीय साहित्य के उन महत्वपूर्ण कवियों में गिने जाते हैं जिनका नाम खुमान रासो ग्रंथ से जुड़ा हुआ है। यद्यपि समय के साथ उनके जीवन, रचनाओं और योगदान को लेकर विद्वानों में मतभेद रहे हैं, फिर भी दलपति विजय का नाम हिंदी साहित्य के मध्यकालीन इतिहास में एक विशिष्ट स्थान रखता है। […]

दलपति विजय का जीवन परिचय (Dalpati Vijay Biography in Hindi) Read More »

पद्माकर भट्ट का जीवन परिचय (Padmakar Bhatt Biography in Hindi)

परिचय पद्माकर भट्ट (1753–1833) रीतिकाल के प्रमुख एवं प्रभावशाली कवियों में से एक थे। वे उस दौर के कवि थे जब हिंदी साहित्य में श्रृंगार, वीरता और भक्ति के साथ-साथ अलंकारों का व्यापक विकास हो रहा था।पद्माकर अपनी काव्य-कुशलता, गूढ़ विद्वता, रस-संपन्न रचनाओं और अलंकारिक शैली के कारण रीतिकालीन हिंदी साहित्य के शिखर कवियों में

पद्माकर भट्ट का जीवन परिचय (Padmakar Bhatt Biography in Hindi) Read More »

ईश्वरदास महाजन का जीवन परिचय (Ishvardas Mahajan Biography in Hindi)

परिचय ईश्वरदास महाजन 20वीं शताब्दी के एक सम्मानित और सामाजिक रूप से सक्रिय व्यक्तित्व थे, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में जीवन की शुरुआत कर भी समाज के लिए विशेष योगदान दिया। उनका जीवन संघर्ष, आत्मनिर्भरता, दृढ़ संकल्प और सेवा-भाव का अनूठा उदाहरण है।कठिन प्रारंभिक परिस्थितियों से निकलकर उन्होंने जीवन में जो स्थान बनाया, वह आगामी पीढ़ियों

ईश्वरदास महाजन का जीवन परिचय (Ishvardas Mahajan Biography in Hindi) Read More »

मीराबाई का जीवन परिचय (Mirabai Biography in Hindi)

परिचय मीराबाई भारतीय भक्ति आंदोलन की सबसे प्रमुख और लोकप्रिय संत-कवयित्रियों में से एक थीं। वे श्रीकृष्ण के प्रति अपनी अटूट भक्ति, दिव्य प्रेमभाव और मधुर पदों के कारण आज भी पूरी दुनिया में पूजी जाती हैं।उनकी रचनाएँ, जीवन अनुभव और त्याग ने उन्हें भक्ति साहित्य की अमर प्रतीक बना दिया है।मीराबाई की भक्ति सगुण

मीराबाई का जीवन परिचय (Mirabai Biography in Hindi) Read More »

संत रैदास का जीवन परिचय (Sant Raidas ka jivan parichay)

परिचय संत रैदास, जिन्हें रविदास, रिडास या रैदास के नाम से भी जाना जाता है, 15वीं–16वीं शताब्दी के महान भारतीय संत, कवि, समाज सुधारक और भक्ति आंदोलन के प्रमुख स्तंभों में से एक थे। उन्होंने मानव धर्म, समानता, प्रेम और भक्ति का ऐसा संदेश दिया जिसने भारतीय समाज की सामाजिक-धार्मिक संरचना को गहराई से प्रभावित

संत रैदास का जीवन परिचय (Sant Raidas ka jivan parichay) Read More »

संत नामदेव का जीवन परिचय (Sant Namdev ka jivan parichay)

परिचय संत नामदेव (Namdev/Namdeo) 13वीं–14वीं शताब्दी के भारत के महान संत, कवि, समाज सुधारक और वारकरी भक्ति परंपरा के प्रमुख स्तंभों में से एक थे।वे भगवान विठ्ठल (कृष्ण के अवतार) के अनन्य भक्त थे और अपने अभंग, भजन और कीर्तन के माध्यम से पूरे भारत में भक्ति का संदेश फैलाते रहे।संत ज्ञानेश्वर के घनिष्ठ मित्र

संत नामदेव का जीवन परिचय (Sant Namdev ka jivan parichay) Read More »

संत नाभादास का जीवन परिचय (Sant Nabhadas Biography)

परिचय संत नाभादास 16वीं–17वीं शताब्दी के महान भक्ति संत, श्रेष्‍ठ भक्त-चरित्रकार और प्रसिद्ध ग्रंथ ‘भक्तमाल’ के रचयिता थे।उन्होंने भक्ति आंदोलन के संतों, भक्तों और आचार्यों के जीवन, कार्य और उपदेशों को एक ही ग्रंथ में एकत्रित करके भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक अद्वितीय आध्यात्मिक धरोहर छोड़ दी। भक्तमाल में लगभग 200–300 से अधिक संतों

संत नाभादास का जीवन परिचय (Sant Nabhadas Biography) Read More »

कुम्भनदास का जीवन परिचय (Kumbhandas Biography)

परिचय कुम्भनदास (Kumbhandas) भक्तिकाल के प्रमुख अष्टछाप कवियों में से एक, पुष्टिमार्ग के महान भक्त और श्रीनाथजी के अनन्य सेवक थे।वे वल्लभाचार्य के प्रमुख शिष्यों में गिने जाते हैं और स्वरूप-भक्ति तथा मधुर-कृष्ण-लीलाओं के अप्रतिम गायकों में से एक थे। कुम्भनदास का जीवन सरलता, संतोष, कर्तव्य, और भक्ति का अद्भुत उदाहरण है।उन्होंने सम्राट अकबर के

कुम्भनदास का जीवन परिचय (Kumbhandas Biography) Read More »

संत पीपा का जीवन परिचय | Sant Pipa Biography in Hindi

संत पीपा (Sant Pipa) मध्यकालीन भारत के उन महान संतों में से एक थे, जिन्होंने अपने राजसी जीवन को त्यागकर भक्ति, सेवा और आध्यात्मिक पथ को अपनाया। वे एक समय राजस्थान के गागरोनगढ़ के शक्तिशाली राजा थे, लेकिन भक्ति आंदोलन के प्रमुख संत स्वामी रामानंद से प्रभावित होकर उन्होंने अपना राज्य, वैभव और अहंकार सब

संत पीपा का जीवन परिचय | Sant Pipa Biography in Hindi Read More »

ध्रुवदास का जीवन परिचय | Dhruvdas Biography in Hindi

संत ध्रुवदास भक्तिकाल के अत्यंत प्रमुख, संवेदनशील और रसपूर्ण कृष्णभक्त कवियों में से एक थे। वे अपनी अद्वितीय भक्ति, रचनात्मकता और श्रीहित हरिवंश जी से आध्यात्मिक रूप से प्राप्त दीक्षा के कारण विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं। ध्रुवदास की रचनाएँ भाव, माधुर्य और प्रेमभक्ति के लिए जानी जाती हैं। उनका जीवन रहस्यमय है, क्योंकि उनके

ध्रुवदास का जीवन परिचय | Dhruvdas Biography in Hindi Read More »

Scroll to Top