मेक्सिको के संगठित अपराध के इतिहास में कुछ नाम ऐसे हैं जिनकी कहानी अपराध, सत्ता, हिंसा और वैश्विक ड्रग नेटवर्क से जुड़ी हुई है। उन्हीं में से एक नाम है नेमेसियो रूबेन ओसेगुएरा सर्वान्तेस, जिसे पूरी दुनिया एल मेंचो (El Mencho) के नाम से जानती है। वह मेक्सिको के सबसे खतरनाक और प्रभावशाली ड्रग लॉर्ड्स में से एक था और जलिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल (CJNG) का संस्थापक तथा प्रमुख नेता था। कई वर्षों तक वह मेक्सिको और संयुक्त राज्य अमेरिका दोनों देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना रहा। उसकी गिरफ्तारी के लिए अमेरिका ने 15 मिलियन डॉलर तक का इनाम घोषित किया था, जो ड्रग तस्करों के लिए घोषित सबसे बड़े इनामों में से एक था।
22 फरवरी 2026 को मेक्सिको के जलिस्को राज्य में सेना के एक बड़े ऑपरेशन के दौरान एल मेंचो मारा गया। उसकी मौत ने मेक्सिको के ड्रग युद्ध के इतिहास में एक बड़ा मोड़ पैदा किया। लेकिन उसकी कहानी केवल एक अपराधी की कहानी नहीं है; यह उस सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक व्यवस्था की भी कहानी है जिसने उसे जन्म दिया और उसे इतना शक्तिशाली बनने का अवसर दिया।
शुरुआती जीवन
नेमेसियो ओसेगुएरा सर्वान्तेस का जन्म 17 जुलाई 1966 को मेक्सिको के पश्चिमी राज्य मिचोआकान के छोटे से ग्रामीण नगर एगुइलिला (Aguililla) में हुआ था। यह इलाका पहाड़ी और कृषि प्रधान क्षेत्र है जहाँ ज्यादातर लोग खेती और मजदूरी पर निर्भर रहते हैं। एल मेंचो का परिवार भी बहुत साधारण और गरीब था। उसके माता-पिता किसान थे और परिवार की आय सीमित थी।
उसके बचपन का अधिकांश समय खेतों और ग्रामीण जीवन के बीच बीता। उस समय मिचोआकान क्षेत्र में एवोकाडो और नींबू की खेती बहुत होती थी, और कई परिवार इसी खेती से अपना जीवन चलाते थे। एल मेंचो भी बचपन में अपने परिवार के साथ खेतों में काम करता था। गरीबी इतनी ज्यादा थी कि उसे छोटी उम्र में ही पढ़ाई छोड़नी पड़ी। उसने केवल प्राथमिक शिक्षा ही पूरी की और उसके बाद परिवार की आर्थिक मदद के लिए मजदूरी करने लगा।
उस समय मिचोआकान में एक और चीज तेजी से फैल रही थी—ड्रग खेती और तस्करी। पहाड़ी और दूरदराज क्षेत्रों में अक्सर मारिजुआना और अफीम की खेती होती थी, जिन्हें स्थानीय अपराधी समूह नियंत्रित करते थे। माना जाता है कि इसी वातावरण ने युवा नेमेसियो के जीवन को प्रभावित किया और धीरे-धीरे वह अपराध की दुनिया के संपर्क में आया।
अमेरिका की ओर प्रवास और अपराध की शुरुआत
1980 के दशक में बेहतर जीवन और अधिक पैसे कमाने की उम्मीद में नेमेसियो ओसेगुएरा सर्वान्तेस ने हजारों अन्य मेक्सिकन युवाओं की तरह अमेरिका जाने का फैसला किया। वह अवैध रूप से सीमा पार करके कैलिफोर्निया पहुँचा और वहीं रहने लगा।
अमेरिका में शुरुआत में उसने छोटे-मोटे काम किए, लेकिन जल्द ही वह अपराधी गतिविधियों से जुड़ गया। कैलिफोर्निया उस समय ड्रग तस्करी के लिए एक बड़ा केंद्र बन चुका था, और कई मेक्सिकन आपराधिक नेटवर्क वहां सक्रिय थे। इन्हीं नेटवर्क के संपर्क में आकर एल मेंचो ड्रग व्यापार में शामिल हो गया।
1986 में उसे सैन फ्रांसिस्को में ड्रग से जुड़े आरोपों में गिरफ्तार किया गया। यह उसकी पहली बड़ी गिरफ्तारी थी। इसके बाद भी कई बार उसे पुलिस ने पकड़ा। इन मामलों में उस पर हेरोइन और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े आरोप लगे। अंततः उसे जेल की सजा हुई और कुछ वर्षों बाद उसे अमेरिका से मेक्सिको वापस भेज दिया गया।
लगभग तीस साल की उम्र में जब वह मेक्सिको लौटा, तब तक उसका जीवन पूरी तरह अपराध की दुनिया से जुड़ चुका था।
मेक्सिको लौटने के बाद कार्टेल में प्रवेश
मेक्सिको लौटने के बाद एल मेंचो ने संगठित अपराध में पूरी तरह प्रवेश कर लिया। उस समय मेक्सिको में कई शक्तिशाली ड्रग कार्टेल सक्रिय थे जो अमेरिका तक ड्रग्स की सप्लाई करते थे।
एल मेंचो ने शुरुआत में मिलेनियो कार्टेल के लिए काम करना शुरू किया। यह कार्टेल पश्चिमी मेक्सिको में सक्रिय था और कोकीन तथा अन्य ड्रग्स की तस्करी करता था। मिलेनियो कार्टेल में काम करते हुए उसने तस्करी के नेटवर्क, हथियारों के उपयोग और कार्टेल की रणनीति को करीब से समझा।
धीरे-धीरे वह इस संगठन में प्रभावशाली बनता गया। उसकी छवि एक ऐसे व्यक्ति की बनने लगी जो बेहद आक्रामक, चालाक और निर्दयी था। जब सरकार ने ड्रग कार्टेल के खिलाफ कड़े अभियान शुरू किए तो कई पुराने नेता गिरफ्तार या मारे गए। इसी दौर में मिलेनियो कार्टेल भी कमजोर पड़ गया।
CJNG की स्थापना और तेजी से बढ़ता साम्राज्य
2009 के आसपास जब मिलेनियो कार्टेल टूटने लगा, तब एल मेंचो ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर एक नया संगठन बनाया जिसे कार्टेल दे जलिस्को न्यूएवा जेनेरासियोन (CJNG) कहा गया।
शुरुआत में यह एक छोटा समूह था, लेकिन एल मेंचो के नेतृत्व में यह तेजी से बढ़ने लगा। उसने अपने संगठन को बेहद आक्रामक रणनीति के साथ चलाया। CJNG ने प्रतिद्वंद्वी कार्टेलों के खिलाफ हिंसक हमले किए और कई महत्वपूर्ण ड्रग मार्गों पर कब्जा कर लिया।
कुछ ही वर्षों में CJNG मेक्सिको के सबसे शक्तिशाली कार्टेलों में से एक बन गया। इस संगठन ने न केवल मेक्सिको में बल्कि अमेरिका, कनाडा, यूरोप और एशिया तक ड्रग तस्करी का नेटवर्क बना लिया। कोकीन, हेरोइन, मेथामफेटामाइन और बाद में फेंटेनिल जैसी ड्रग्स की तस्करी से इस कार्टेल ने अरबों डॉलर कमाए।
हिंसा, शक्ति और डर का साम्राज्य
एल मेंचो की पहचान केवल एक ड्रग तस्कर के रूप में नहीं थी, बल्कि वह अपने अत्यधिक हिंसक और क्रूर तरीकों के लिए भी कुख्यात था। उसके नेतृत्व में CJNG ने कई बड़े हमले किए।
2015 में CJNG ने मेक्सिकन सेना के एक हेलीकॉप्टर को मार गिराया था, जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया। यह घटना दिखाती थी कि कार्टेल के पास भारी हथियार और सैन्य स्तर की क्षमता मौजूद थी।
CJNG के सदस्य अक्सर भारी हथियारों, बख्तरबंद वाहनों और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते थे। कई बार उन्होंने ड्रोन और विस्फोटकों का भी उपयोग किया। इस संगठन ने कई पुलिस अधिकारियों, सैनिकों और सरकारी अधिकारियों पर हमले किए।
ड्रग तस्करी के अलावा CJNG ने अपने आर्थिक स्रोतों को भी बढ़ाया। इसमें तेल चोरी, अपहरण, जबरन वसूली, मानव तस्करी और वित्तीय धोखाधड़ी जैसी गतिविधियाँ शामिल थीं।
दुनिया के सबसे वांछित अपराधियों में शामिल
एल मेंचो की शक्ति और हिंसा के कारण वह अमेरिका और मेक्सिको दोनों देशों की एजेंसियों के लिए सबसे बड़ा लक्ष्य बन गया। अमेरिकी DEA ने कई वर्षों तक उसकी गतिविधियों की निगरानी की और उसके खिलाफ कई केस दर्ज किए।
2014 में अमेरिकी अदालत ने उसे ड्रग तस्करी और “कंटिन्यूइंग क्रिमिनल एंटरप्राइज” चलाने का आरोपी ठहराया। उस पर आरोप था कि वह दक्षिण अमेरिका से मेक्सिको के रास्ते अमेरिका तक कोकीन और मेथामफेटामाइन की बड़ी खेप भेजता था।
समय के साथ उसके सिर पर इनाम बढ़ता गया और 2024 तक यह 15 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया। इसके बावजूद कई वर्षों तक वह पुलिस और सेना से बचता रहा और माना जाता था कि वह जलिस्को, मिचोआकान और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में छिपकर रहता था।
2026 में मौत और उसके बाद की हिंसा
22 फरवरी 2026 को मेक्सिको की सेना ने जलिस्को राज्य में एक बड़ा सैन्य अभियान चलाया। इस ऑपरेशन में सेना, नेशनल गार्ड और विशेष बलों ने मिलकर कार्रवाई की। इसी ऑपरेशन के दौरान एल मेंचो मारा गया।
उसकी मौत की खबर फैलते ही CJNG के सदस्यों ने कई राज्यों में हिंसक प्रतिक्रिया दी। सड़कों पर बैरिकेड लगाए गए, गाड़ियों और दुकानों को आग लगा दी गई और कई शहरों में डर और अराजकता फैल गई।
ग्वाडलाहारा और पुएर्टो वालार्टा जैसे बड़े शहरों में भी हिंसा की घटनाएँ हुईं, जिससे कुछ समय के लिए सामान्य जीवन प्रभावित हो गया।
एल मेंचो के बाद CJNG का भविष्य
एल मेंचो की मौत के बाद यह सवाल उठने लगा कि उसके विशाल अपराध साम्राज्य का क्या होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ड्रग कार्टेल अक्सर किसी एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं होते। उनके अंदर कई ऐसे नेता होते हैं जो जरूरत पड़ने पर नेतृत्व संभाल सकते हैं।
संभव है कि CJNG के अंदर सत्ता संघर्ष भी शुरू हो, क्योंकि इतना बड़ा संगठन कई गुटों में बंट सकता है। हालांकि यह भी संभावना है कि संगठन का कोई वरिष्ठ नेता जल्दी ही नियंत्रण संभाल ले।
जो भी हो, एल मेंचो की मौत मेक्सिको के ड्रग युद्ध में एक महत्वपूर्ण घटना है, लेकिन इससे संगठित अपराध पूरी तरह खत्म हो जाएगा, ऐसा मानना मुश्किल है।
