January 2026

श्रीलाल शुक्ल का जीवन परिचय | Srilal Shukla Ka Jivan Parichay

जीवन परिचय श्रीलाल शुक्ल का जन्म 31 दिसंबर 1925 को उत्तर प्रदेश के लखनऊ जनपद के अतरौली गाँव में हुआ। उनका बचपन ग्रामीण परिवेश में बीता, जहाँ उन्होंने गाँव की राजनीति, जातिगत संरचना, सत्ता-संबंध, शिक्षा-व्यवस्था और सामाजिक पाखंड को बहुत निकट से देखा।ग्रामीण जीवन के ये अनुभव आगे चलकर उनके साहित्य की मूल भूमि बने। […]

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उषा प्रियंवदा का जीवन परिचय (Usha priyamvada ka jivan parichay)

जीवन परिचय उषा प्रियंवदा हिंदी साहित्य की प्रमुख प्रवासी लेखिका, उपन्यासकार और कथाकार हैं, जिन्होंने आधुनिक शहरी जीवन की जटिलताओं, अकेलेपन, भावनात्मक रिक्तता और बदलते मानवीय संबंधों को अत्यंत संवेदनशीलता और यथार्थबोध के साथ प्रस्तुत किया है। उनका जन्म 24 दिसंबर 1930 को कानपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय

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ममता कालिया का जीवन परिचय (Mamta Kalia Ka Jivan Parichay)

जीवन परिचय ममता कालिया का जन्म 2 नवंबर 1940 को वृंदावन, उत्तर प्रदेश में हुआ। उनका पारिवारिक वातावरण साहित्यिक और बौद्धिक था। उनके पिता स्वर्गीय विद्याभूषण अग्रवाल हिंदी और अंग्रेजी साहित्य के विद्वान थे। उन्होंने पहले अध्यापन कार्य किया और बाद में आकाशवाणी से जुड़े। पिता के विद्वतापूर्ण व्यक्तित्व और साहित्यिक रुचि का ममता कालिया

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मृदुला गर्ग का जीवन परिचय (Mridula Garg Ka Jivan Parichay)

प्रस्तावना मृदुला गर्ग आधुनिक हिंदी साहित्य की एक सशक्त, निर्भीक और वैचारिक रूप से स्वतंत्र लेखिका हैं। उन्होंने हिंदी साहित्य को ऐसे विषय दिए जिन पर पहले खुलकर बात नहीं होती थी। नारी स्वतंत्रता, स्त्री-पुरुष संबंधों की जटिलता, सामाजिक बंधन, मानसिक संघर्ष और व्यक्ति की आंतरिक स्वतंत्रता उनकी रचनाओं के केंद्र में रहे हैं। उपन्यास,

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मन्नू भंडारी का जीवन परिचय (Mannu Bhandari Ka Jivan Parichay)

प्रस्तावना मन्नू भंडारी हिंदी साहित्य की सुप्रसिद्ध कहानीकार, उपन्यासकार तथा नई कहानी आंदोलन की प्रमुख लेखिका थीं उनकी रचनाएँ जैसे ‘आपका बंटी’, ‘महाभोज’ और ‘यही सच है’ न केवल साहित्यिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि सामाजिक चेतना को भी गहराई से झकझोरती हैं। उनके निधन से हिंदी साहित्य को अपूरणीय क्षति हुई। जन्म और परिवार

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कमलेश्वर का जीवन परिचय | Kamleshwar Ka Jivan Parichay

प्रस्तावना कमलेश्वर हिंदी साहित्य के उन बहुआयामी रचनाकारों में गिने जाते हैं जिन्होंने कहानी, उपन्यास, पत्रकारिता, संपादन, स्तंभ लेखन, फिल्म और टेलीविजन पटकथा सभी क्षेत्रों में समान अधिकार के साथ काम किया। वे ‘नई कहानी आंदोलन’ के प्रमुख स्तंभ रहे और उन्होंने साहित्य को केवल बौद्धिक विमर्श नहीं, बल्कि समाज, राजनीति और आम आदमी की

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भीष्म साहनी का जीवन परिचय (Bhisham Sahni Ka Jivan Parichay)

प्रस्तावना भीष्म साहनी आधुनिक हिंदी साहित्य के उन विरल रचनाकारों में से हैं, जिन्होंने प्रेमचंद की यथार्थवादी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उसे नई संवेदना, गहराई और मानवीय दृष्टि प्रदान की। वे केवल लेखक नहीं थे, बल्कि उपन्यासकार, कहानीकार, नाटककार, अनुवादक और अभिनेता के रूप में भी साहित्य और कला जगत में सक्रिय रहे। जन्म

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मोहन राकेश का जीवन परिचय (Mohan Rakesh Ka Jivan Parichay)

जीवन परिचय मोहन राकेश हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध नाटककार, कहानीकार, उपन्यासकार, निबंधकार तथा नई कहानी आंदोलन के प्रमुख साहित्यकार थे। उनका जन्म 8 जनवरी 1925 ई० को अमृतसर (पंजाब) में हुआ था। उनका वास्तविक नाम मदन मोहन गुगलानी था, परंतु वे साहित्य-जगत में मोहन राकेश नाम से प्रसिद्ध हुए। उनके पिता का नाम करमचंद गुगलानी

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राजेन्द्र यादव का जीवन परिचय (Rajendra Yadav Ka Jiveen Parichay)

प्रस्तावना राजेन्द्र यादव हिंदी साहित्य के उन विरल लेखकों में से थे जिन्होंने केवल साहित्य सृजन ही नहीं किया, बल्कि साहित्य को सामाजिक हस्तक्षेप का सशक्त माध्यम बनाया। वे हिंदी कथा साहित्य के ‘नई कहानी’ आंदोलन के प्रमुख स्तंभ, निर्भीक संपादक, प्रखर विचारक और सामाजिक सरोकारों के प्रतिबद्ध लेखक थे। उनका संपूर्ण साहित्य मध्यवर्गीय जीवन

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निर्मल वर्मा का जीवन परिचय | Nirmal Verma Ka Jivan Parichay

प्रस्तावना निर्मल वर्मा (1929–2005) हिंदी साहित्य के नई कहानी आंदोलन के सबसे सशक्त और संवेदनशील रचनाकारों में गिने जाते हैं। वे उपन्यासकार, कथाकार, निबंधकार, यात्रा-वृत्तांत लेखक, अनुवादक और सांस्कृतिक चिंतक थे। उनके साहित्य में अकेलापन, विस्थापन, स्मृति, आत्मसंघर्ष और आधुनिक मनुष्य की आंतरिक पीड़ा का अत्यंत सूक्ष्म और गहन चित्रण मिलता है। जन्म एवं पारिवारिक

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